Motivational stories in hindi-एक बिल्डर की कहानी।

Motivational  stories in hindi- एक बिल्डर की कहानी। 

Motivational stories in hindi-एक बिल्डर की कहानी।

  • बहुत सारी मेहनत कर रहे हैं आप लेकिन परिणाम नहीं मिल रहा, 
  • आप सोच रहे होंगे कि मामला कहाँ अटक रहा है तो आइए मै बताता हूँ आपको।

 शीर्षक-एक बिल्डर की कहानी। 

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एक बार एक बिल्डर के नीचे एक कारीगर काम करता था, और कारीगर की उम्र ज्यादा हो गयी थी तो वो बिल्डर के पास गया और जाकर के बोला कि मुझे अब रिटायर होना है, अब मै काम नहीं कर पाऊंगा मुझे घर जाना है।

बिल्डर ने कहा कि ठीक है चले जाओ लेकिन एक अंतिम काम कर दो, एक मकान और बनाके चले जाओ। 

बस उसके बाद तुम जो बोलोगे वही होगा तुम्हें जैसा रिटायरमेंट चाहिए वैसा रिटायरमेंट तुम्हें मिलेगा।

अब कारीगर ने सोचा कि वो जाते हुए भी एक और मकान बनाने को बोल रहा है।
कारीगर ने कहा ठीक है मै बना देता हूं।


कारीगर गया मकान बनाने लगा, बिना किसी मन के उसने 3-4 महीने मे मकान बना दिया।

3-4 महीने के बाद वह फिर से गया बिल्डर के पास और जाकर बोला कि आपने जो मकान बनाने को बोला था वो मैंने बना दिया अब आप जाके उसे देख ले।

बिल्डर और कारीगर दोनों वहां पहुचें।

बिल्डर कुछ दूरी पर खड़े होकर के मकान देखने लगा और उसने देखा कि मकान जो है वो अजीब सा है।


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अबतक इसने जीतने भी मकान बनाए वो शानदार बनाए, लोग तारीफ करते थे।

बिल्डर ने उस कारीगर को चाभी दे दी और कहा - की मै ये मकान तुम्हारे लिए ही बनवा रहा था।
अब कारीगर को ये समझ नहीं आया कि ये क्या हो गया।





अगर उसे मालूम होता कि ये मकान वो खुद के लिए बना रहा है तो शानदार मकान बनाता क्युकी उसने बहुत से शानदार मकान बनवाये।



लेकिन उसे मालूम नहीं था इसीलिए उसने बिना मन से जैसा तैसा अजीब सा मकान बनाया।

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निष्कर्ष :-

आपकी जिन्दगी मे भी यही हो रहा है आप रोजाना एक ईंट के ऊपर दूसरी ईंट देते जा रहे हैं, अपना मकान बना रहे है, अपना भविष्य बना रहे हैं लेकिन आप भूल जा रहे हैं कि वो आप ही का भविष्य है।

बिना मन के काम करना बंद किजिए।
परिणाम इसी वजह से नहीं मिल पा रहा है।
प्यार से काम किजिये और काम से प्यार कीजिए।

ये कहानी आपको कैसी लगी हमें कमेंट करके बताए और ज्यादा से ज्यादा शेयर करे। 

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