Best Short hindi story with moral values-गुस्सा होने का परिणाम।

Best Short hindi story with moral 

values-गुस्सा होने का परिणाम।

Best Short hindi story with moral values-गुस्सा होने का परिणाम।
Best Short hindi story with moral values-गुस्सा होने का परिणाम।
ज़माना क्या कहेगा ये मत सोचना, ज़माना बहुत अजीब है, ज़माना नाकामयाब लोगों का मजाक उड़ाता है और कामयाब लोगों से जलता है।

मै हूं Abhi
लेकर आया हूं बहुत ही बेहतरीन कहानी।

शीर्षक:-बात बात पर गुस्सा होने का 

परिणाम।

एक बार की बात है एक राज्य मे राजा का दरबार लगा था, दरबार सर्दियों के दिन मे लगा था इसी वजह से खुले धूप में लगा था।

सब लोग बैठे हुए थे दीवान थे, मंत्री थे, राजा के पंडित थे राजा का परिवार था, लगभग सभी लोग बैठे हुए थे। राजा साहब के सामने एक मेज रखवा दी गयी थी।

तभी भीड़ मे से एक आवाज आई कि मुझे राजा साहब से मिलना है, मेरे पास मे दो चीजें है जिसकी मै परीक्षा लेना चाहता हूँ।

ऊपर वाला किसी का बुरा नहीं होने देगा ।

राजा साहब तक ये बात पहुंची, राजा साहब ने उसे मिलने की इजाजत दी। कुछ देर मे वो व्यक्ति राजा साहब के सामने पहुँचा।


राजा साहब ने पूछा बताओ बात क्या है?

उस इंसान ने कहा कि मेरे पास दो चीजें है एक जैसी दिखने वाली, एक ही रंग, एक ही आकार, एक ही भार की लेकिन इनमे से एक हीरा है और एक काँच है।

मै अबतक कई राज्यों में गया हूँ, ना जाने कितने राजाओं से मिला हूँ लेकिन अब तक ये बताने मे कोई सफल नहीं रहा कि असली हीरा कौन सा और नकली हीरा कौन सा है।

सफलता चाहिए तो इसे जरूर पढ़े।

आपकी भी परीक्षा लेना चाहता हूं, जानना चाहता हूँ कि आपके दरबार में कोई है जो ये बता सके।

अगर ये किसी ने बता दिया तो ये हीरा आपके राज्य के खजाने मे जमा करवा दूँगा लेकिन यदि इसे किसी ने नहीं बताया तो इस हीरे की जो किमत है वो मुझे दिया जाएगा।

राजा साहब को लगा कि दरबार मे आके ये सामने से चुनौती दे रहा है यदि मै मना कर देता हूँ तो मेरे लिए इस राज्य के लिए ये शर्म की बात होगी।

राजा साहब ने कहा कि ठीक है शर्त लगाया जाए।

राजा साहब के सामने जो मेज रखी हुई थी उसपर दोनों चीजो को रखा गया। एक हीरा था दूसरा नकली हीरा था।
  
राजा साहब ने अपने दीवानों से अपने मंत्रियों से अपने पंडितों से अपने परिवार वालों से सबसे कहा कि आप आकर एक एक करके असली हीरे को पहचाने।


ये कहानी आपके जीवन को बदल देगी।

कुछ लोगों ने हिम्मत की और कुछ लोगों ने सोचा कि अगर राजा साहब हार जाते है तो दोष हमपर आ जाएगा तो इस डर से कुछ लोग आगे नहीं आए।

राजा साहब को कुछ समझ नहीं आ रहा था राजा साहब को लग रहा था कि अब हमारी हार होते जा रही,तभी भीड़ मे से एक बूढ़े बाबा जो कि अंधे थे उन्होने आवाज आई मै एक बार कोशिश करना चाहता हूँ।

राजा साहब तक ये बात पहुंचाई गयी कि एक अंधे बाबा जो है वो चाहते है कि वो भी एक बार प्रयास करे,तो राजा साहब ने बोला कि ठीक है उन्हे मौका मिलेगा ऐसे भी सभी बताने मे असमर्थ रहे है उन्हे भी मौका मिलना चाहिए।

वो अंधे बाबा आगे आए और एक मिनट मे बता दिया कि असली हीरा कौन सा है और नकली हीरा कौन सा है।

हर कोई खुश हो गया, हर कोई चौंक गया, सबने बोला वाह क्या बात है, राजा का सम्मान बच गया, राज्य का सम्मान बच गया।

राज्य मे नया हीरा आ गया, हीरे को खजाने मे रखने की तैयारियाँ होने लगी।

जिन्दगी प्रयासो का नाम है।

इसी बीच राजा ने अंधे बाबा से पूछा कि बाबा एक बात तो बताओ आपने असली हीरा पहचाना कैसे?

बूढ़े बाबा ने बोला कि बहुत आसान था, हम धूप मे बैठे थे खुले मे बैठे थे। जो धूप मे गरम हो गया वो काँच, जो ठंडा रह गया वो हीरा।
Best Short hindi story with moral values-गुस्सा होने का परिणाम।

निष्कर्ष :

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि जिन्दगी मे बेकार की बातों पर हम गुस्सा करते है अपनो से नाराज होते है इसी वजह से हमारी जिन्दगी मे दोस्त कम होते जाते हैं, अपने कम होते चले जाते हैं रूठते चले जाते हैं।

जिन्दगी मे आपा नहीं खोया, जो विपरीत परिस्थितियों मे भी टिका रहे वही जीतता है, वही सिकंदर कहलाता है।


जिन्दगी के दबाव में आना बंद किजिये।


यदि आपको हमारी स्टोरी पसंद आयी तो हमें कमेंट करके बताए।
धन्यवाद।

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