Real life inspirational stories in Hindi - थॉमस एडीसन की कहानी।

Real life inspirational stories in Hindi 


Real life inspirational stories in hindi for success - Thomas Edison


इस दुनिया मे शब्दों की ताकत बहुत बड़ी है हम कई बार कई लोगों को कुछ ऐसा कह देते है कि वो अंदर तक टूट जाते है और कई बार कई लोगों को कुछ ऐसा कह देते है कि वो माउंट एवरेस्ट  चढ़ जाते है। 

थॉमस एडीसन की कहानी।

आज  आपको मै आपको real life inspirational stories सुनाता हूँ।


आज सभी को अपने जीवन मे inspire होने की बहुत जरूरत है, लोग अपने मार्ग से कभी कभी भटक जाते है। ये कहानी एक ऐसे व्यक्ति पर आधारित है जिसे लगभग दुनिया का हर एक व्यक्ति जानता है  इनके अविष्कार के बिना शायद हमलोग प्रकाश नहीं देख पाते।


लेकिन उनके अविष्कार में उनकी मां का भी बहुत बड़ा स्थान है। अब आप सोच रहे होंगे कि वो कैसे? आइए इस कहानी के माध्यम से आपको समझाता हूँ  

थॉमस एडीसन जब बचपन मे पढ़ाई किया करते थे , एक दिन वो स्कूल से घर को पहुँचे और अपनी माँ के पास पहुँचे और एक पत्र दिया जो उनको उनके स्कूल से दी गयी थी। 

उन्होने वो लेटर अपनी माँ को दिया और कहा कि माँ ये लेटर स्कूल के प्रिंसिपल ने दिया और कहा कि अपनी माँ को  जाके ये लेटर दे देना। 



उनकी माँ ने तुरंत वो लेटर एडीसन की हाथों से लेकर उसे पढ़ने लगी। पढ़ते पढ़ते उनकी आंखे नम हो गयी , उन्होने एडीसन को गले लगा लिया। 



एडीसन ने बड़ी बेसब्री से पूछा कि माँ इसमे लिखा क्या है वो तो बताओ। 

तो माँ फिर से उस लेटर को खोला और दोबारा पढ़ने लगी ज़ोर ज़ोर से ताकि एडीसन उसे  सुन सके। 

उन्होंने कहा कि इसमे लिखा है कि थॉमस एडीसन एक जीनियस है , बहुत ही कमाल का बच्चा है , सुपर इंटेलिजेंट है और हमारे यहां इसे पढ़ाने के लिए टीचर मौजूद नहीं है, इस बच्चे को हम अपने स्कूल मे नहीं पढ़ा सकते है , इसीलिए आप इस बच्चे को अपने घर पर पढ़ाइए। 

उस दिन के बाद से थॉमस एडीसन की माँ ने उन्हे  घर पर पढ़ाया। 

उन्होने भी मन लगाकर पढ़ाई ,पूरी लगन से पढ़ाई की और एक वक़्त के बाद थॉमस एडीसन दुनिया के महान आविष्कारक बन गए। 

थॉमस एडीसन के नाम 1093 पेटेंट है। 

इन्होने बल्ब का अविष्कार किया ,वोट रिकॉर्ड करने का आविष्कार  किया ,इलैक्ट्रिक कार की बैट्री का अविष्कार किया,मोशन पिक्चर्स का अविष्कार किया,ना जाने ऐसे कितने अविष्कार है जो इन्होने किए।

धीरे धीरे ये बहुत  बड़े आविष्कारक बन गए। 

इनसब के बीच उनकी माँ का देहांत हो गया।एक दिन ये घर की साफ़ सफ़ाई कर रहे थे तो उन्हे वो पेपर मिला जो बचपन मे उनकी माँ को उनके स्कूल के प्रिंसिपल ने दिया था।

उन्होंने उस पेपर को खोला।उस पेपर मे लिखा था कि आपका बेटा दिमाग से कमजोर है मानसिक रूप से कमजोर है।

हम इसे अपने स्कूल मे नहीं पढ़ा सकते आप इसे घर पर ही रखे। 



और उस दिन थॉमस एडीसन की आंखो मे आंसू आ गए उन्हे लगा कि उनकी माँ ने कितना बड़ा काम किया है, मेरी इस सफलता के पीछे मेरी माँ का हाथ है।


अगर उनकी माँ ने वो पेपर सही सही पढ़ दिया होता तो शायद थोमस एडीसन इतने बड़े इनवेंटर नहीं बन पाते ,शायद इतने सारे अविष्कार इस दुनिया मे नहीं हो पाते।


इस real life inspirational stories का निष्कर्ष :-

  • हम कई बार कई लोगों को ऐसे शब्द कह देते है कि जिससे वो अंदर तक टूट जाते है, उन्हे विश्वास दिलाना चाहिए शब्दो मे बहूत बड़ी ताकत होती है मतलब कि बातें करनी चाहिए अच्छी बातें करनी चाहिए। 


इस बात को समझिएगा 

जो सीढ़िया किसी के लिए ऊपर जाती है वो किसी के लिए नीचे भी आती है सब कुछ सोच पर और शब्दों पर निर्भर करता है।

ये real life inspirational stories in Hindi अच्छी लगी तो  हमें कमेंट करके बताए। 
धन्यवाद। 

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1Comments

  1. thomas edisan ki life ke upar aapne bahut hi shandar sansmaran likhe hain. sach me vah ek jiniyas hi the.

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