Hindi story for class 1 - आपकी जिन्दगी कभी भी बदल सकती है।

Hindi story for class 1-आपकी जिन्दगी कभी भी 

बदल सकती है। 


Hindi story for class 1 - आपकी जिन्दगी कभी भी बदल सकती है।
इन्तेजार करने वालों को सिर्फ उतना मिलता है जितने कोशिश करने वाले छोर देते हैं।

शीर्षक:-आपकी जिन्दगी  कभी भी बदल सकती है।

Hindi story for class 1 - आपकी जिन्दगी कभी भी बदल सकती है।

एक बार की बात है एक गुरुजी अपने शिष्य को लेकर शहर जा रहे थे और चल रहे थे,चलते चलते रास्ते में शाम हो गयी।

गुरु और शिष्य ने सोचा कि क्यूँ ना कहीं रुका जाए।

थोड़ा आगे बढ़े तो एक बड़ा सा खाली खेत दिखाई दिया उसके बीचो बीच एक मकान था, वहाँ पहुँचे आवाज लगायी,उस घर का मालिक बाहर आया।


उन्होने बताया कि सबसे पहले तो हम पानी पीना चाहते हैं पानी पीने के बाद गुरुजी ने उस घर के मालिक से पूछा कि क्या यह खेत आपका है?

व्यक्ति ने बोला जी हा ये मेरा खेत है। फिर गुरुजी ने पूछा कि घर मे कौन कौन है,उस आदमी ने बताया कि पत्नी है,माँ है,एक बच्ची भी है बस चार आदमी है हमलोग। सब बढ़िया चल रहा है।

तो गुरु और शिष्य दोनों के दिमाग मे एक सवाल आया तो उन्होने पूछ लिया कि इतना बड़ा खेत ये खाली पड़ा है आपलोगों का घर कैसे चलता है?

तो उस आदमी ने बताया कि हमारे पास एक भैंस है जो अच्छा खासा दूध देती है जिसके दूध को बेचकर हमलोगों का जीवन चल रहा है, सब मंगल चल रहा है।

गुरु और शिष्य वहां रुके और कहा कि हम कल सुबह निकल जाएंगे हमें शहर जाना है बहुत लम्बा सफर है।


तो उस व्यक्ति ने कहा हमें कोई कठिनाई नहीं है हमारे लिए यह शौभाग्य की बात है कि आप हमारे यहाँ आए।

रात्रि मे जब ये दोनों विश्राम कर रहे थे तो आधी रात को गुरुजी ने अपने शिष्य को कहा कि उठो और उस भैंस को वहा से लेकर के आओ और लेकर के चलते हैं उस भैंस को।

शिष्य ने कहा कि गुरुजी पूरी जिन्दगी आपने सिखाया कि चोरी नहीं करनी चाहिए ये गलत बात होती है फिर आप मुझसे ये पाप क्यूँ करवा रहे हैं?

उसने कहा कि जो मैं कह रहा हूँ वो करो गुरु की बात शिष्य को माननी पड़ी,भैंस को वहाँ से खोला और लेकर के चल दिए,थोड़ी देर आगे जाने के बाद उसे आगे ले जाकर उस भैंस को छोर दिया।


शहर पहुंचकर शिष्य अपने काम मे लग गया, गुरुजी अपनी जिन्दगी जीने लगे।

बहुत साल बीत चुके थे लेकिन शिष्य के मन मे अभी भी वो बात खटक रही थी उसे अभी भी बुरा लग रहा था कि मेरे गुरु ने इतनी बड़ी चोरी करवाई इतना बड़ा पाप करवा दिया।

एक इंसान जो अपनी जिन्दगी भैंस के वजह से जी रहा था उसके जीने की वजह उससे चुरा ली।वह खुद को दोषी मानने लगा।

वह बहुत बड़ा व्यापारी बन गया बहुत पैसे कमा लिए तब उसने सोचा कि इस पैसे का इस्तेमाल उस व्यक्ति के मदद करने मे करूँ।

वह उसी जगह पर पहुंचा लेकिन उसे वह जगह बदली बदली सी लगी बहुत शानदार सा बगीचा, बहुत शानदार सा मकान, मकान के चारो ओर खेत, खेत मे लहलहाते फसल।

उसने सोचा कि शायद वो आदमी चला गया,हो सकता है भैंस चोरी होने के वजह से उसके खाने को कुछ ना मिला हो तो उसने ये जमीन बेच दी और कहीं चला गया।

तो वह सोचा कि हो सकता है यहाँ जो आदमी रहता है उसके पास उस व्यक्ति का पता हो।

वो गया और अंदर जाकर देखता है कि वही आदमी वहाँ बैठा हुआ है, उसने पूछा कि ये शानदार कमाल हुआ कैसे?


तो उस व्यक्ति ने बताया कि उस दिन आप और गुरुजी हमारे यहाँ आए थे और हमारी उस दिन बहुत बुरी किस्मत रही उसी रात हमारी भैंस चोरी हो गयी।

भैंस चोरी होने के बाद जैसे हम टूट ही गए हमने सोचा कि अब क्या होगा हमारा तो जीवन ही बर्बाद हो गया अब हम खाएंगे क्या और रहेंगे कैसे।

उसके बाद मैंने लकड़ी काटकर बेचना शुरू किया लेकिन वो हमारे जीवन यापन के लिए पर्याप्त नहीं था तो मैंने थोड़े पैसे इकट्ठे करके अपने खेत मे फसल उगाना शुरू की।

धीरे धीरे हमारी कमाई बढ़ने लगी, हमलोगों ने फिर से भैंस खरीद ली, बगीचा उगा लिया और वहीं से हमारी जिन्दगी बदल गयी।


अगर उस रात को हमारी भैंस चोरी नहीं हुई होती तो हम वैसे ही जी रहे होते जैसे पहले जीते थे।

शिष्य को ये बात समझ आ गयी कि गुरुजी ने उस दिन उस भैंस को क्यूँ चोरी करवायी थी।


सीख:-

इन्तेजार करने वालों को सिर्फ उतना ही मिलता है जितना की कोशिश करने वाले छोर देते हैं।

हम उसी जिन्दगी को जी रहे होते हैं जो हमेशा से जीते आए है, हमे लगता है कि शायद इसके आगे हमारी जिन्दगी मे कुछ है ही नहीं।
याद रखिए आप मे वो काबिलियत है जो किसी मे नहीं है।

ये hindi story for class 2 aapko कैसी लगी हमें कमेंट करके बताए और इस कहानी को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे। 


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