Moral stories in Hindi - किसान के खेत में फसल क्यूँ नहीं हुई।

Moral stories in Hindi


यदि हम हज़ारों की दौलत भी गवां दें व हमारा जीवन बलिदान हो जाए तो हमें मुस्कुराते रहना चाहिए और ईश्वर व सत्य में विश्वास रखकर प्रसन्न रहना चाहिए.

आज की Moral stories in Hindi कहानी एक ऐसे इंसान की जो ईश्वर था उनके मौसम के फेरबदल को लेकर क्यूंकि कुछ सालों से उसके खेत में फसल नहीं हुई थी और वह बहुत ज्यादा निर्धन हो गया था।स्थिति ये आ गयी थी कि उसके पास खाने के लिए भी अन्न नहीं था भूख से मरने की स्थिति आ गई थी।


Moral stories in Hindi का शीर्षक:किसान के खेत में फसल क्यूँ नहीं हुई। 

Moral stories in hindi - किसान के खेत में फसल क्यूँ नहीं हुई।

एक बार की बात है वह किसान बहुत निराश होकर खेत मे गया और रोने लगा, गिड़गिड़ाने लगा और कहने लगा कि जबतक आप नहीं आओगे तब तक मैं नहीं जाऊँगा।

भगवान से ये सब नहीं देखा गया और भगवान को उसके आगे झुकना पड़ा, कुछ देर मे भगवान प्रकट हुए और किसान को कहा कि बताओ क्या हुआ?

उस किसान ने कहा कि मै बहुत परेशान हो चुका हूँ, निर्धन हो चुका हूँ मेरे पास खाने तक को भी अन्न नहीं है और इसके जिम्मेदार आप है, आपका ये मौसम है। 

आप कभी बहुत ज्यादा बारिश करवा देते हैं तो कभी बहुत ज्यादा ठंड तो कभी बहुत ज्यादा गर्मी। इससे मेरी फसल बहुत खराब हो चुकी है जिसके वजह से हम लोग बहुत परेशान है।



भगवान ने उससे फिर पूछा कि तुम क्या चाहते हो?

तो उस किसान ने कहा कि मैं ये चाहता हूँ कि आप अपने मौसम के फेरबदल को मेरे हाथ में दे दे।

ईश्वर ने सहमति भरी और कही कि ठीक है आज से मेरा मौसम विभाग तुम्हारा हुआ। तुम जैसा कहोगे वैसा ही मौसम होगा।

वह किसान बहुत ज्यादा खुश हो गया और अपने घर गया और बोला कि धीरे धीरे बरसात होना शुरू हो जाए। धीरे धीरे बरसात शुरू हो गयी।


Moral stories in Hindi - किसान के खेत में फसल क्यूँ नहीं हुई।


Hindi story-ये वक़्त भी कट जाएगा।

उसके बाद उसने बोला कि थोड़ी थोड़ी ठंड पड़ना शुरू हो जाए, ज्यादा नहीं नहीं पड़े क्यूंकि उससे मुझे परेशानी होती है। धीरे धीरे ठंड भी पड़ना शुरू हो गयी। वह जैसा चाहता अपने अनुसार वह मौसम को बदलता रहता।

कुछ दिनों के बाद वह खेत में गया और देखा कि फसल जो है वह लहलहा रही है, बहुत अच्छी फसल हुई है।उसने भगवान से कहा कि देखा भगवान आपने मैंने मौसम को अपने हिसाब से बदला और फसल इतनी अच्छी हुई।

धीरे धीरे करके वह अपने खेत में गया और जैसे ही वह अपने फसल को देखा वह रोने लगा, वह चिल्लाने लगा और फिर से ईश्वर को कोसने लगा और बोला कि भगवान आपने मेरे साथ ये क्या कर दिया? 

भगवान फिर से प्रकट हुए और पूछा कि अब मैंने क्या कर दिया?

किसान ने बोला कि आपने मुझे सारे वरदान दे दिया और मेरी फसल भी अच्छी हो गयी लेकिन इस फसल के अंदर तो बीज ही नहीं है।

इस बात को सुनने के बाद भगवान मुस्कुराए और भगवान ने कहा कि मैं ज्यादा बरसात करवाता था क्यूंकि जमीन मे अंदर पानी जम सके, ज्यादा ठंड करवाता था ताकि फसल मे बीज आ सके, मैं ज्यादा गर्मी करवाता था ताकि जो फल आया है वह अच्छे से पक सके।

आप कभी भी किसी के भगवान बन सकते हैं।

लेकिन तुमने ऐसा नहीं किया तुमने अपने अनुसार कम पानी करवाया, थोड़ी सी ठंड पड़वायी और थोड़ी सी गर्मी पड़वायी जिससे फसल तो अच्छी हुई लेकिन इसके अन्दर फल नहीं हुई।


इस Moral stories in Hindi कहानी से सीख:-

  • अब आप बताइए इस फसल का क्या काम जिसमे फल ही ना हो। किसान इस बात को समझ चुका था और शायद इस बात को आप भी समझ चुके होंगे।
  • ईश्वर जो भी करते हैं अच्छे के लिए करते हैं जितने भी हमारे जीवन मे ईश्वर कठिनाइयां लाते है वह बस हमारी जिन्दगी को आगे बढ़ाने के लिए लाते हैं।
  • एक बात याद रखिएगा कि बिना किसी परेशानी के हम कभी आगे नहीं बढ़ सकते।जीवन मे कठिनाइयाँ आना भी बहुत जरूरत है क्यूंकि बिना संघर्ष के कोई आगे नहीं बढ़ सकता है।
hindi kahani


इस कहानी के हकदार - Mahendra dogney

यदि आपको यह Moral stories in Hindi अच्छी लगी हो तो हमें कमेंट करके बताए और इस कहानी को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे।



Post a Comment

0Comments