Motivational stories in Hindi with moral - भिखारी बना व्यापारी।

Motivational stories in Hindi with moral- भिखारी बना व्यापारी।


कुछ आरम्भ करने के लिए आप का महान होना कोई आवश्यक नही.. लेकिन महान होने के लिए आप का कुछ आरम्भ करना अत्यंत आवश्यक है।

इस दुनिया में जिस दिन आपने अपनी सोच बड़ी कर दी  उस दिन बड़े बड़े लोगों के दिमाग में आप आना शुरू कर देंगे।

यदि आप एक motivational stories in Hindi with moral की तलाश में हैं तो आप बिल्कुल सही जगह पर आ गए हैं  आज मैं आपको एक motivational stories in Hindi बताने जा रहा हूँ जो आपको पसंद आएगी। 

शीर्षक:भिखारी बना व्यापारी।

Motivational stories in hindi with moral - भिखारी बना व्यापारी।  
एक बार की बात है एक भिखारी रेलवे स्टेशन पर रहता था।



रोज का उसका काम था ट्रेन पर बैठ कर एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन पर जाना,उसी रास्ते के बीच में वह लोगों से भीख मांगता था पैसे मिले तो मिले वरना जैसे तैसे अपनी जिंदगी गुजारता था।


एक दिन ऐसे ही वह भीख मांग रहा था ट्रेन में बैठकर एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन जा रहा था उसे एक सभ्य व्यक्ति दिखाई दिए उसे लगा कि या व्यक्ति एक व्यापारी नजर आ रहा हो सकता है या मुझे भीख दे दे।


उसने जाकर के भीख मांगना शुरू किया वह व्यक्ति थोड़ा देर देखता रहा और फिर चिल्लाना शुरू कर दिया उसने बोला तुम्हें तमीज नहीं है जब मै तुम्हें कुछ नहीं देना चाहता हूं फिर भी तुम मेरे आगे भीख मांग रहे हो।

और दूसरी बात तुम्हारे पास मुझे देने के लिए क्या है
चलो मैं तुम्हें कुछ रुपए दे भी दूंगा लेकिन तुम मुझे क्या दोगे तो भिखारी ने कहा बाबूजी मेरे पास तो कुछ भी नहीं है मैं एक भिखारी हूं मैं आपको क्या दे सकता हूं?

तो उस व्यक्ति ने कहा जब तुम कुछ दे नहीं सकते हो तो मांगना बंद कर दो।

व्यक्ति तो स्टेशन पर उतर कर चला गया लेकिन भिखारी जो है वह स्टेशन के बाहर आकर सोचने लगा कि मैं लोगों को क्या दे सकता हूं?


इसने आसपास नजर दौड़ाई तो इससे छोटे-छोटे पौधे नजर आए जिस में फूल लगे हुए थे तो इस ने सोचा कि फूल तोड़ते हैं यदि मुझे कोई भीख देता है तो मैं उसे यह फूल दूंगा।


तो अगले दिन से यह प्रक्रिया इसने शुरू की जब भी इसे कोई पैसे देता था तो या उसे फूल दे देता था।

लोगों को यह चीज अच्छी लगी कि पहली बार किसी भिखारी को पैसे देने पर बदले में कुछ मिल रहा है।

यह प्रक्रिया चलती रही कुछ दिनों के बाद से फिर से उस भिखारी को वही व्यक्ति नजर आया, भिखारी जल्दी से उस व्यक्ति के पास पहुंचा और बोला कि बाबूजी इस बार मेरे पास आपको देने के लिए कुछ है आप मुझे भीख दो।

इसमें विश्वास करके उस भिखारी को पैसे दिए तो भिखारी ने अपने झोले में से निकालकर इसे फूल दे दिया।

वह व्यक्ति खुश हो गया और बोला है कि अब मुझे समझ आ गया है कि तुम एक व्यापारी बन चुके हो तुम्हें समझ आ गया कि लेनदेन क्या होता है।

जिंदगी में जब तक कुछ दे नहीं सकते तब तक लेना नहीं चाहिए यह बोल कर वह व्यक्ति स्टेशन से उतरा और अपने घर को चला गया।

वह जो भिखारी था तो वह सोचने लगा और वह समझ गया कि कुछ तो मामला है,वह ट्रेन से उतरा और जोर से चिल्लाने लगा कि मैं भिखारी नहीं मैं व्यापारी हूं मै भी उस व्यक्ति की तरह बनकर दिखाऊंगा अमीर बनकर दिखाऊंगा। यह देखकर  आसपास में जो लोग थे वह सोचने लगे कि यह पागल हो गया है।

6 महीने तक वह भिखारी कहीं नजर नहीं आया।

6 महीनो के बाद उसी स्टेशन पर दो सभ्य आदमी मिलते है एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को बोल रहा होता है कि पहचाना हम तीसरी बार मिल रहे हैं तो दूसरे व्यक्ति ने बोला नहीं मुझे लगता है कि हम पहली बार मिल रहे हैं।

तो पहला व्यक्ति बोलता है कि नहीं नहीं दो बार हम पहले भी मिल चुके हैं मैं वही भिखारी हूं जिससे पहली बार मिलने पर आप ने सिखाया की लेनदेन कितनी बड़ी बात होती है।

दूसरी बार आपने सिखाया कि यदि मैं अपनी सोच को बड़ा करूंगा तो आप की तरह बन सकता हूं आज देखिए आज मैं बिल्कुल आप की तरह ही दिख रहा हूं, आपकी तरह ही बन गया हूँ।


मैंने पहले फूल तोड़ करके देने शुरू किए फिर मैंने फूल खरीदने शुरू किए और आज मेरा फूलों का बहुत बड़ा बिज़नस है।


सीख:-


  • यह छोटी सी कहानी हमें जिन्दगी मे बहुत बड़ी बात सिखाती है कि जबतक आप जिन्दगी मे प्रयास नहीं डालीएगा, जब तक आप अपनी तरफ से ऊर्जा नहीं लगाइएगा आपकी जिन्दगी मे तब तक परिणाम नहीं मिलेगा।
  • दूसरी बात हम हमेशा सोचते है कि मेरी जिन्दगी यही तक है थोड़ा बड़ा सोचिए अपनी चादर को बड़ा किजिये तब आप आराम से पैर फैलाकर सो सकते हैं

यह motivation stories in Hindi with moral आपको कैसी लगी हमें कमेंट करके बताए और ज्यादा से ज्यादा शेयर करे।


इस कहानी के असली हकदार- कार्तिक 

धन्यवाद।

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