Inspirational story in Hindi language -खुद पर कभी घमंड मत करो।

Inspirational story in Hindi language

Inspirational story in hindi language -खुद पर कभी घमंड मत करो। महात्मा गांधी ने बहुत कमाल की बात कही है कि
  • जियो जैसे कि तुम्हारा आखिरी दिन हो और सीखो ऐसे जैसे तुम हमेशा रहने वाले हो।

ना इतराओ इतना, बुलंदियों को छूकर,वक्त के सिकन्दर पहले भी कई हुए हैं,जहाँ होते थे कभी शहंशाह के महल,देखे हैं वहीं, अब उनके मकबरे बने हुए हैं।

Inspirational story in Hindi  का शीर्षक-खुद पर कभी घमंड मत करो।

एक बार एक राज्य में एक तलवारबाज रहता था और उसकी तलवारबाजी के चर्चे दूर दूर तक थे, उसने अपने राजा को कई लड़ाइयां अकेले ही जीता दी थी इसीलिए राजा ने उसे सेनापति की उपाधि दे रखी थी।


Inspirational story in hindi language -खुद पर कभी घमंड मत करो।

लेकिन हम सभी जानते हैं कि वक़्त बहुत बड़ी चीज होती है, वह धीरे धीरे बूढ़ा होने लगा।


लेकिन इसके पास ये जो कला थी जो वह जानता था, उसे लगा कि बाद मे ये किसी के काम नहीं आएगी तो इसने सोचा कि क्यूँ ना ये किसी को सिखाया जाए।

वह राजा के पास गया और कहा कि राजा साहब जो ये तलवारबाजी का ग्यान है मेरे पास ये आप कैसे भी लोगों तक पहुंचाए, मै चाहता हूँ कि ये गुण मै इच्छुक लोगों को सिखाऊँ।

क्यूंकि राजा साहब उसे बहुत मानते थे अगले दिन उन्होने पूरे राज्य में ढिंढोरा पीटवाया और सबको बताया कि हमारे राज्य के जो सबसे अच्छे तलवारबाज है यानी कि हमारे राज्य के राज्यपति वो आपको तलवारबाजी सिखाना चाहते हैं आप लोग जो भी इच्छुक हो वो सेनापति से मिल लें।

लोगों ने यह बात सूना और अगले दिन से शिष्य उनके पास आने लगे और अब वह तलवारबाज एक गुरु बन गया। वो लोगों को अब तलवारबाज सिखाना लगा।


धीरे धीरे उसके शिष्य भी निपुण होने लगे लेकिन उन शिष्य में एक शिष्य था जिसे लगता था कि उसे गुरु से भी ज्यादा मालूम है और उसे लगता था कि उसने सब चीज सीख लिया है।वह अपने आप को इतना अच्छा मानने लगा कि उसे इस बात का घमंड आ गया।

एक दिन वह शिष्य राजा के पास पहुँचा और बोला कि राजा साहब एक बात आपसे कहना चाहता हूँ। आपने उन्हे सेनापति बनाया क्यूंकि उन्हे तलवारबाजी आती थी लेकिन मैं उनसे भी अच्छी तलवारबाजी जानता हूँ मुझे उनसे ज्यादा प्रतिभा है आप मुझे सेनापति बना दीजिए।

राजा ने सोचा कि कल तक जो शिष्य सीख रहा था आज वो सेनापति बनना चाहता और वो भी अपने ही गुरु को खुद से नीचा दिखाना चाहता है, राजा ने कुछ सोचा और फिर कहा कि ठीक है एक काम करते हैं तुम्हें लगता है कि तुम बहुत अच्छे तलवारबाज हो या फिर तुम उनसे ज्यादा जानते हो तो तुम उनसे यानी कि अपने गुरु से एक मुकाबला करो।

शिष्य तैयार हो गया।

उस गुरु तक यह बात पहुंचाई गयी कि कल तक जो आपका शिष्य था वो आपको चुनौती दे रहा है, वो आपके साथ एक मुकाबला करना चाह रहा है। गुरु ने सोचा कि वाह...ये तो बड़ा कमाल निकला। गुरु ने भी उसकी चुनौती को स्वीकार कर लिया। 

जब शिष्य को ये बात पता चली तो वह घबरा गया उसे लगा कि वह क्यूँ जो गुरु थे वह मेरे से मुकाबला करने के लिए तैयार हो गए। अब उसे यह चिंता सताने लगी उसे लगा कि शायद मेरे गुरु ने कुछ बात मुझे नहीं सिखायी। शायद कोई ऐसा चाल है जो उनके पास मे है लेकिन मेरे पास में नहीं है और उसी से वह मुझे हरा देंगे।


अब इसी चिंता में बात बढ़ने लगी, राजा ने मुकाबले की तारीख तय कर दी। अगले सात दिनो के बाद मुकाबला था। शिष्य जो था वह गुरु पर नजर रखने लगा। वो छुप छुप कर गुरु को देखने लगा कि वह क्या कर रहे हैं।

एक दिन गुरु जो था वह एक लोहार की दुकान पर गया और बोला कि तुम एक काम करो 15 फूट की एक म्यान (तलवार रखने की जगह) बना दो।

शिष्य ने ये बात सुना और अब वह चौंक गया और सोचने लगा कि मेरे गुरु क्या करने वाले हैं क्या वो इतनी बड़ी तलवार से एक बार में ही मेरे सर को धड़ से अलग कर देंगे।

इसे बहुत चिंता होने लगी तो यह भी एक लोहार की दुकान पर पहुँचा और 16 फूट की एक तलवार बना ली।

मुकाबले का दिन आ गया, पूरा राज्य इस मुकाबले को देखने के लिए इकट्ठा हुआ। दोनों तलवारबाज मैदान मे मुकाबले के लिए पहुंचे।



जैसे ही मुकाबला शुरू हुआ गुरु ने तलवार निकालकर शिष्य के गर्दन पर रख दिया और शिष्य जो था वह 16 फूट की तलवार म्यान से निकालता रह गया।गुरु ने सिर्फ 15 फूट लंबी म्यान बनवायी थी लेकिन शिष्य ने 16 फूट लंबी तलवार बना ली थी।



Inspirational story in hindi language से सीख-

  • ये छोटी सी मजेदार कहानी हमें बहुत कुछ सिखाती है ये सिखाती है कि जिस किसी को लगता है कि उसे सब कुछ आता है या फिर वो सोचता है कि मैं ही हूँ वो बहुत गलत है।
  • इस काम को मैं कर सकता हूँ और इस काम को सिर्फ मैं कर सकता हूँ। कहने को तो सिर्फ का अंतर है लेकिन यह सिर्फ उस व्यक्ति के चरित्र को प्रदर्शित करता है। 
  • जिन्दगी में जिस दिन आपने सीखना बंद कर दिया उस दिन आप अपनी जिन्दगी में रुक जाएंगे।
  • अपने ग्यान पर घमंड मत कीजिए, सीखने की कोशिश करते रहिये। दुनिया से जब आप जाएँगे और तब तक भी आप सीखते रहेंगे तो ग्यान कम ही रहेगा। क्यूंकि ग्यान कभी खत्म ना होने वाली चीज है।



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