Stories in Hindi for class 6 का शीर्षक-बोलने के पहले दो बार सोचे।

Stories in Hindi for class 6


ऐसी वाणी बोलिए मन का आप खोये |औरन को शीतल करे, आपहुं शीतल होए ||

Stories in Hindi for class 6 का शीर्षक-बोलने के पहले दो बार सोचे।

Stories in hindi for class 6 का शीर्षक-बोलने के पहले दो बार सोचे।

आज मैं आप लोगों के लिए एक ऐसी कहानी लेकर आया हूं जो आपको अपने बारे मे सोचने पर मजबूर कर देगी।

आज की जो हमारी कहानी है वो है एक संत की जो भिक्षा लेने के लिए एक गाँव मे गए ।वहाँ उन्होने एक घर देखा जहां उन्होने जाकर भीख मांगा, वहाँ से एक आदमी निकला और बोला कि मालिक हम तो खुद ही बहुत गरीब है हमें खुद भगवान ने कुछ नहीं दिया।हमारे पास आपको देने के लिए कुछ भी नहीं है।



फिर उस व्यक्ति ने बोला कि मेरे पास आपके लिए एक प्रश्न है यदि आप चाहो तो मैं पूछ सकता हूँ। संत ने कहा कि हाँ क्यूँ नहीं, जो कुछ भी तुम पूछना चाहते हो तुम पूछ सकते हो।


उस व्यक्ति ने कहा कि बाबाजी मैं इतना गरीब क्यूँ हूँ? मुझे भगवान ने क्यूँ कुछ नहीं दिया? सबके पास तो इतनी सारी चीजे है फिर मुझे भगवान ने इतना गरीब क्यूँ बनाया?



संत मुस्कुराए और कहा कि नहीं तुम बिल्कुल भी गरीब नहीं हो, तुम्हें भगवान ने वो सब कुछ दिया है जो तुम्हें चाहिए या जिसकी तुम्हें जरूरत है। देखो तुम्हारे पास आँखे हैं जिससे तुम देख सकते हो, कई लोगों के पास तो ये भी नहीं है। तुम्हारे पास पैर है, तुम्हारे पास दो हाथ भी है। ये बातें उस व्यक्ति को समझ आ गयी और वो उनके चरणों में गिर पड़ा।

वो संत जो है वो आगे बढ़े और एक पेड़ के नीचे बैठ गए। वहाँ पर कई लोग जो है वो इकट्ठा हो गए और संत अपना प्रवचन देने लगे और बताने लगे कि हमें अपना जीवन किस तरह से जीना चाहिए।


एक व्यक्ति को इस बात पर गुस्सा आ गया और उठकर कहने लगा कि ये तो फालतू की बातें करते हैं, ये क्या बातें कर रहे हो तुम ऐसा कुछ भी नहीं होता हमारी जिन्दगी मे। जो तुम बातें कह रहे हो ये बस कहने की बातें है ऐसा आम जिन्दगी मे कभी नहीं होता ये सब कहने के बाद वह व्यक्ति संत के ऊपर थूक कर चला गया।



लेकिन उस संत ने उसे कुछ नहीं कहा और चुपचाप बैठे रहे सभी लोग यह देखकर आश्चर्यचकित रह गए,और वो व्यक्ति वहाँ से उठकर चला गया।

कुछ दिनो के बाद उस व्यक्ति को इस बात के लिए बुरा लगने लगा कि उसने कितनी बड़ी गलती कर दी, कितनी बड़ी मूर्खता कर दी। अब वह व्यक्ति उस संत को ढूंढने लगा, फिर उसे पता चला कि वह संत जो है वहाँ से आगे के गाँव जा चुका है।

वह व्यक्ति उस संत को ढूंढते ढूंढते उस गाँव मे गया तो वह संत एक पेड़ के नीचे प्रवचन दे रहे थे। वह व्यक्ति उनके चरणों मे गिर गया और कहने लगा कि बाबाजी मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गयी मुझे माफ कर दीजिए। उस दिन मैंने आपके साथ बहुत गलत बर्ताव किया।



संत मुस्कुराए और कहा कि आप कौन हो? उस व्यक्ति ने कहा कि आप पिछले गाँव मे मुझसे मिले थे, मैंने आपको बहुत भला बुरा कहा था। संत ने मुस्कुराते हुए फिर से कहा कि मैं पुरानी बातें याद नहीं रखता।तुम्हें भी नहीं रखना चाहिए, जो हो गया सो हो गया।

इस बात को सुनकर वह व्यक्ति बहुत प्रभावित हुआ और फिर वह उनका शिष्य बन गया। वह कोई और नहीं गौतम बुद्ध थे।



Stories in Hindi for class 6 से सीख-


  • इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें अपने ऊपर हमेशा भरोसा रखना चाहिए। जितनी भी चीजें ईश्वर ने हमें प्रदान की है उसका लाभ लेना चाहिए। 
  • हमें कभी अपना आपा नहीं खोना चाहिए। 
  • हमें भगवान ने जितनी भी चीजें दी है उसका हमें अहसानमंद होना चाहिए। धन्‍यवाद देना चाहिए उनका की उन्होने हमें इतनी सारी चीजें दी है।
  • हमें कभी यह नहीं सोचना चाहिए कि हम असमर्थ है या फिर ईश्वर ने हमें कमजोर बनाया है। हम किसी भी काम को कर सकते हैं बस हमारे अंदर किसी काम को करने के लिए पूरी लगन होनी चाहिए। 
  • हमें अपने द्वारा किए गए बातों पर नियंत्रण रखना चाहिए क्यूंकि बाद मे हमें पछतावा होगा अपनी ही बातों पर, इसीलिए हमें हमेशा सोच समझकर बोलना चाहिए।

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